Indira Hridayesh funeral
चित्रशिला घाट पर किया गया अंतिम संस्कार
हल्द्वानी। Indira Hridayesh funeral नेता प्रतिपक्ष व वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. इंदिरा हृदयेश पंचतत्व में विलीन हो गईं। सोमवार को रानीबाग के चित्रशिला घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान उनके अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इससे पहले सुबह दर्शनों के लिए उनका पार्थिव शरीर रखा गया।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत सहित भाजपा और कांग्रेस के कई नेता उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि देने पहुंचे। जिसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई।
आज श्रीमती इंदिरा हृदयेश जी के हल्द्वानी स्थित आवास पर उन्हें पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी व भगवान से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
प्रदेशहित के मुद्दों को सदैव सर्वोपरि रखने वाली, जनप्रिय नेत्री इंदिरा जी के अधूरे कार्यों को हमारी सरकार आगे बढ़ाएगी। pic.twitter.com/nOK5d9qgaI
— Tirath Singh Rawat (@TIRATHSRAWAT) June 14, 2021
डॉ. इंदिरा हृदयेश का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए उनके निवास स्थान पर रखा गया। सीएम तीरथ सिंह रावत सहित भाजपा व कांग्रेस के नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में नैनीताल रोड से अंतिम दर्शन के लिए नेता प्रतिपक्ष इंदिरा की शव यात्रा निकाली गई।
आज #हल्द्वानी में @INCUttarakhand की वरिष्ठ नेता, विधायक एवं माननीय नेता प्रतिपक्ष स्व. @IndiraHridayesh जी की अंतिम यात्रा में सम्मिलित हुआ, उनकी पुण्य स्मृति को मेरा शत्-शत् नमन एवं भावभीनी श्रद्धांजलि। @INCIndia @RahulGandhi pic.twitter.com/NgqwT5pul1
— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) June 14, 2021
शव यात्रा के दौरान लोगों ने उनको नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। रानीबाग चित्रशिला घाट में उनके पुत्र बॉबी हृदयेश, सौरभ हृदयेश और सुमित हृदयेश ने चिता को मुखाग्नि दी। सोमवार सुबह से ही नैनीताल रोड स्थित उनके आवास संकलन में उनके अंतिम दर्शन के लिए कांग्रेस नेताओं, उनके समर्थकों और स्थानीय नेताओं का तांता लगा रहा।
मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, सांसद अजय भट्ट, कैबिनेट मंत्री बंशीधर भगत, यशपाल आर्य और अरविंद पांडेय सहित कई नेता पहुंचे। सुबह करीब 10 इंदिरा के के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के स्वराज आश्रम लाया गया। यहां भी समर्थकों का तांता लगा रहा।
शवयात्रा नैनीताल रोड होते हुए चित्रशिला घाट पहुंचीं
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल श्रद्धांजलि देने पहुंचे। स्वराज आश्रम से इंदिरा की शवयात्रा नैनीताल रोड होते हुए चित्रशिला घाट पहुंचीं।
यहां राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इंदिरा के चले जाने से हल्द्वानी का आम से लेकर खास हर नागरिक दुखी है। इंदिरा का रविवार को नई दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं।
मुख्यमंत्री तीरथ सिह रावत ने सोमवार को हल्द्वानी में नेता प्रतिपक्ष डा. इन्दिरा हृदयेश के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्वांजलि दी। अपनी संवेदना व्यक्त करते हुये मुख्यमंत्री तीरथ ने कहा कि डा0 हृदयेश ने पिछले चार दशकों से उत्तर प्रदेश से लेकर उत्तराखण्ड की राजनीति मे बडी भूमिका निभाई है वे एक कुशल प्रशासक, वरिष्ठ राजनैतिज्ञ तथा संसदीय ज्ञान की अच्छी जानकार थी।
विकास कार्यो के लिए सदैव तत्पर रहती थी। उन्होने जीवन की आंखरी सांस तक जनसेवा की और विधायक, एमएलसी मंत्री तथा नेता प्रतिपक्ष के रूप में सेवाएं देकर जनसेवा की विशाल विरासत को छोडा है। डा0 हृदयेश प्रदेश का एक मजबूत स्तम्भ रही है। उन्होंने कहा कि स्व0 इन्दिरा हृदयेश की स्मृति मे किसी बडे विकास कार्य का नामकरण किया जायेगा।
जरा इसे भी पढ़े
चाय बागान में एक युवक की पीट पीटकर हत्या
विधानसभा की मर्मज्ञ थी डॉ. इंदिरा हृदयेशः महाराज
नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का निधन